श्रम बजट एवं जलछाजन आधारित नियोजन हेतु प्रखंड-स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न

पोटका :  प्रखंड कार्यालय सभागार मे  मनरेगा योजना का श्रम बजट वित्तीय वर्ष 2019-20 के निरूपण  हेतु प्रखंड स्तर पर  एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमे प्रखंड के सभी पंचायत सेवक ,रोजगार सेवक, सी एफ टी के सभी स्टाफ,मनरेगा जे ई, बी पी ओ,डाटा ऑपरेटर ने भाग लिया।

cft समन्वयक प्रमोद कुमार द्वारा कार्यशाला में श्रम बजट के बारे में विस्तार से बताया गया कि मनरेगा के तहत कि बजट का 75% राशि प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन की योजनाओं पर खर्च किये जाने का निर्देश है।


योजनाओं को चयन कर प्रथमिकता तय करते हुवे ग्राम सभा में अनुमोदित कराया जाएगा।

श्रम बजट का निरूपण एवम् योजनाओं के चयन का कार्य इस बार वार्ड स्तरीय पांच सदस्यीय टीम द्वारा किया जाएगा।

प्रत्येक वार्ड में 5 से 6 लाख की योजना का चयन किया जाएगा तथा मौसमी कैलेंडर के अनुसार क्रियान्वित किया जाएगाप्राकृतिक संसाधनो को जीविका से जोड़ते हुवे ग्रामीण क्षेत्रों मे आजीविका से प्राप्त होने वाले आय मे वृधि करने की योजना ली जाएगी।


ग्राम पंचायत के एक राजस्व गांव में जलछाजन आधरित नियोजन प्रक्रिया की जाएगी

अति गरीब और वंचित परिवारो के लिए अलग से डेढ़ लाख रुपए की योजना ली जानी है। वार्ड स्तर पर दों दिन के अभ्यास के बाद योजनाओं का चयन कर प्रथमिकता तय करते हुवे ग्राम सभा में अनुमोदित करायी जाएगी।

श्रम बजट निर्माण की देख रेख जिला स्तर पर डी डी सी प्रखंड स्तर पर बी डी ओ तथा पंचायत स्तर पर मुखिया एवं पंचायत सेवक द्वारा की जाएगी।

साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत के एक राजस्व गांव में जलछाजन आधरित नियोजन प्रक्रिया की जाएगी , जिसमे चोटी से घाटी तक जल संचयन की योजनाएं ली जाएगी और मौसमी calender के अनुसार क्रियान्वित की जायेगी।


कार्यशाला को प्रखंड कार्यक्रम अधिकारी बंधू कुशल महतो ने भी संबोधित किया।

कार्यशाला को प्रखंड कार्यक्रम अधिकारी बंधू कुशल महतो ने भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि योजना की प्राथमिकता क्रम में कोई बदलाव नहीं किया जायेगा तथा उसे हूबहू ग्राम सभा से पारित करवा कर नरेगा soft में इंद्राज किया जाएगा। जलछाजन किये जाने वाले गांव में खर्च की कोई सीमा नहीं है।

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